इतिहास के पन्नों से गूगल की तलाश नाई वंश में जन्मे प्रथम सम्राट महापदमनंद ने बदला था इतिहास का रुख
आजादी के बाद से देश में अब तक जितनी भी पार्टी बनी हो इतने कम समय में जन सेवा दल से ज्यादा तेज कोई नहीं चल सका, और आजादी से पहले जितनी भी सरकार रही हो महापदम से बड़ा महान विद्वान चक्रवर्ती धनवती शासक कोई नहीं हो सका और आज के दौर में इसी समाज में बड़े-बड़े नेताओं से ज्यादा गलतफहमी का शिकार कोई नहीं हो सका
यदि इन्होंने अपनी वास्तविकता समझी होती है तो आज यह समाज बहुत आगे होता और गलतफहमी में सैन सविता नंद श्रीवास श्रीवास्तव याज्ञिक वर्मा शर्मा आदि लगाने के चक्कर में इधर-उधर ना भटकता और खुलकर कहता कि हम नंदवंशी हैं लेकिन अफसोस कि यह हमेशा गलतफहमी का शिकार रहा और आज भी विभिन्न पार्टियों में छोटे-छोटे पद पर रहकर हमारे अनजान लोग खुद को खुदा से काम नहीं समझते यदि आज भी सारे मतभेद बुलाकर दूसरों के जूते खाने से अच्छा अपने लोगों की शिकायत ही सुन ले तब भी बड़ा काम हो जाए
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