अति पिछड़ों को सत्ता में हिस्सेदारी दिलाने का संकल्प
लखनऊ में आयोजित जन सेवा दल की संगठनात्मक बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष विनेश ठाकुर करपुरी का सम्मान करते प्रदेश अध्यक्ष अरविंद ठाकुर, धीरज राजोरिया, प्रवीन श्रीवास्तव वरिष्ठ पदाधिकारी एडवोकेट आशीष शर्मा, समाजसेवी मृदुल नंदवंशी एवं अन्य पदाधिकारी।
2027 चुनाव की तैयारी में जुटा जन सेवा दल, नंदवंशी समाज को संगठित करने पर जोर
लखनऊ (विधान केसरी)। उत्तर प्रदेश
विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीतियों को धार देना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय पर जन सेवा दल की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक संपन्न हुई। बैठक में संगठन की मजबूती, अति पिछड़ों की राजनीतिक भागीदारी तथा आगामी चुनावी रणनीति पर गंभीर मंथन किया गया। बैठक के दौरान जन सेवा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनेश ठाकुर
करपुरी से पार्टी के शीर्ष पदाधिकारियों ने शिष्टाचार भेंट की। मुलाकात करने वालों में प्रदेश अध्यक्ष अरविंद ठाकुर, अलीगढ़ मंडल अध्यक्ष धीरज राजोरिया तथा प्रदेश संगठन मंत्री प्रवीन श्रीवास्तव प्रमुख रूप से शामिल रहे।
अति पिछड़ों की भागीदारी पर विशेष जोर
घंटों चली बैठक में नेताओं ने इस बात पर बल दिया कि आगामी विधानसभा चुनाव में समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े अति पिछड़े वर्ग को राजनीति
की मुख्यधारा में लाकर सत्ता में उनकी वास्तविक हिस्सेदारी सुनिश्चित की जाए। इसके लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने और समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने की रणनीति पर चर्चा की गई।
नंदवंशी समाज को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने का लक्ष्य
बैठक में उत्तर प्रदेश में नंदवंशी समाज को संगठित कर राजनीतिक रूप से मजबूत बनाने तथा समाज की भागीदारी बढ़ाने का संकल्प लिया गया। नेताओं ने कहा कि समाज की एकजुटता और संगठनात्मक शक्ति ही भविष्य की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाएगी।
बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने के निर्देश
राष्ट्रीय अध्यक्ष विनेश ठाकुर करपुरी ने कहा कि 2027 की चुनावी चुनौती का सामना करने के लिए संगठन का जमीनी स्तर पर मजबूत होना आवश्यक है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से गांव-गांव और बूथ स्तर तक पहुंचकर लोगों को पार्टी की नीतियों से जोड़ने का आह्वान किया। प्रदेश अध्यक्ष अरविंद ठाकुर एवं प्रदेश संगठन मंत्री प्रवीण श्रीवास्तव ने विश्वास दिलाया कि प्रदेश के सभी मंडलों और जिलों में संगठन का पुनर्गठन कर जनाधार को मजबूत किया जाएगा, जिससे अति पिछड़ों और वंचित वर्गों की आवाज को और प्रभावी ढंग से उठाया जा सके।
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