पत्रकारिता जन सेवा दल मेरा धंधा नहीं वंचितों को सत्ता में ले जाने का शौक है : विनेश ठाकुर कर्पूरी
पत्रकारिता जन सेवा दल मेरा धंधा नहीं वंचितों को सत्ता में ले जाने का शौक है : विनेश ठाकुर कर्पूरी
लखनऊ (विधान केसरी)। जन सेवा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनेश ठाकुर
'कर्पूरी' ने संगठन की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक समीक्षा बैठक के उपरांत प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा संगठन देश के संविधान, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सामाजिक समरसता को अपना मुख्य आधार मानकर निरंतर समाज की सेवा में समर्पित है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि पत्रकारिता और जनसेवा कोई व्यवसाय नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने का एक मुख्य मिशन और शौक है, जिसे हर कार्यकर्ता को पूरी ईमानदारी के साथ जीना चाहिए। राष्ट्रीय अध्यक्ष विनेश ठाकुर 'कपूरी' ने संगठन की कार्यप्रणाली
पर विस्तृत चर्चा करते हुए स्पष्ट किया कि संगठन में न में अनुशासनहीनता और निष्क्रियता के लिए कोई स्थान नहीं है। आगामी सामाजिक अभियानों की रूपरेखा तैयार करते हुए उन्होंने देश की ऐतिहासिक प्रशासनिक व्यवस्थाओं और लोक कलाओं के माध्यम से जन-जागरूकता फैलाने पर बल दिया। उन्होंने कार्यकताओं का आह्वान किया कि वे लोक कला विधाओं, जैसे 'आल्हा' गायन और क्षेत्रीय सांस्कृतिक माध्यमों का उपयोग कर समाज में कुरीतियों के खिलाफ अलख जगाएं और संवैधानिक अधिकारों के प्रति आमजन को जागरूक करें।
विनेश ठाकुर 'कपूर्वी' ने आगे कहा कि देश
के विकास में वैज्ञानिक सिद्धांतों और आधुनिक तकनीकों का बहुत बड़ा योगदान है। चाहे वह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में इलेक्ट्रिक वाहनों का बढ़ता चलन हो या फिर समाज में तार्किक सोच का प्रसार, जन सेवा दल हमेशा प्रगतिशील विचारों का समर्थन करता रहेगा। संगठन के आगामी सत्र में युवाओं और निष्ठावान कार्यकताओं को विशेष जिम्मेदारियां सौंपकर धरातल पर कार्य तेज किया जाएगा।
सांगठनिक अनुशासन एवं महत्वपूर्ण घोषणाएं
धर्मेंद्र सविता बने राष्ट्रीय संगठन मंत्रीः राष्ट्रीय अध्यक्ष विनेश ठाकुर 'कपूरी' ने आधिकारिक प्रशासनिक सूचियों में सुधार
करते हुए स्पष्ट किया कि धर्मेंद्र सविता संगठन में 'राष्ट्रीय संगठन मंत्री' के रूप में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दे रहे हैं। मंजेश ठाकुर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की कमानः संगठन के विस्तार और सुचारू संचालन हेतु मंजेश ठाकुर के नाम व पद को संशोधित करते हुए उन्हें 'राष्ट्रीय उपाध्यक्ष' के पद की कमान सौंपी गई है। निष्क्रिय सदस्यों पर कड़ी कार्रवाई: विगत 7 सितंबर 2025 को आयोजित अनिवार्य संगठनात्मक बैठक में बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहने वाले 59 निष्क्रिय पदाधिकारियों और सदस्यों को नेतृत्व सूचियों से तत्काल प्रभाव से बाहर करने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।
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